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ओ मेरी शर्मीली - O Meri Sharmilee (Kishore Kumar)

| Friday, November 16, 2012 |

Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: किशोर कुमार

ओ मेरी शर्मीली
आओ ना, तरसाओ ना
ओ मेरी शर्मीली

तेरा काजल लेकर रात बनी, रात बनी
तेरी मेंहदी लेकर दिन उगा, दिन उगा
तेरी बोली सुनकर सुर जगे, सुर जगे
तेरी खुशबू लेकर फूल खिला, फूल खिला
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी शर्मीली...

तेरी राहों से गुज़रे जब से हम, जब से हम
मुझे मेरी डगर तक याद नहीं, याद नहीं
तुझे देखा जब से दिलरुबा, दिलरुबा
मुझे मेरा घर तक याद नहीं, याद नहीं
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी शर्मीली...

ओ नीरज नयना आ ज़रा, आ ज़रा
तेरी लाज का घूँघट खोल दूं, खोल दूं
तेरे आँचल पर कोई गीत लिखूँ, गीत लिखूँ
तेरे होंठों में अमृत घोल दूँ, घोल दूँ
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी शर्मीली...
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मेघा छाए आधी रात - Megha Chhaye Aadhi Raat (Lata Mangeshkar)

| Thursday, November 15, 2012 |

Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: लता मंगेशकर

मेघा छाए आधी रात
बैरन बन गई निंदिया
बता दे मैं क्या करूँ
मेघा छाए आधी रात...

सबके आंगन दीया जले रे, मोरे आंगन जिया
हवा लागे शूल जैसी, ताना मारे चुनरिया
आई है आँसू की बारात, बैरन बन गयी निंदिया
बता दे मैं क्या करूँ
मेघा छाए आधी रात...

रूठ गये रे सपने सारे, टूट गयी रे आशा
नैन बहे रे गंगा मोरे, फिर भी मन है प्यासा
किसे कहूँ मैं मन की बात, बैरन बन गयीं निंदिया
बता दे मैं क्या करूँ
मेघा छाए आधी रात....
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खिलते हैं गुल यहाँ - Khilte Hain Gul Yahan (Kishore Kumar)

| Wednesday, November 14, 2012 |

Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: किशोर कुमार

खिलते हैं गुल यहाँ, खिल के बिखरने को
मिलते हैं दिल यहाँ, मिल के बिछड़ने को
खिलते हैं गुल यहाँ...

कल रहे ना रहे, मौसम ये प्यार का
कल रुके न रुके, डोला बहार का
चार पल मिले जो आज, प्यार में गुज़ार दे
खिलते हैं गुल यहाँ...

झीलों के होंठों पर, मेघों का राग है
फूलों के सीने में, ठंडी-ठंडी आग है
दिल के आइने में तू, ये समां उतार दे
खिलते हैं गुल यहाँ...

प्यासा है दिल सनम, प्यासी ये रात है
होंठों मे दबी-दबी, कोई मीठी बात है
इन लम्हों पे आज तू, हर खुशी निसार दे
खिलते हैं गुल यहाँ...
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आज मदहोश हुआ जाए रे - Aaj Madhosh Hua Jaaye Re (Lata Mangeshkar, Kishore Kumar)

| Tuesday, March 20, 2012 |

Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: लता मंगेशकर, किशोर कुमार

आज मदहोश हुआ जाए रे, मेरा मन, मेरा मन, मेरा मन
बिना ही बात मुस्कुराये रे, मेरा मन, मेरा मन, मेरा मन

ओ री कली, सजा तू डोली
ओ री लहर, पहना तू पायल
ओ री नदी, दिखा तू दर्पण
ओ री किरण, ओढ़ा तू आँचल
इक जोगन है बनी आज दुल्हन
आओ उड़ जाए कहीं बन के पवन
आज मदहोश हुआ जाए रे...
शरारत करने को ललचाये रे...

यहाँ हमें, ज़माना देखे
तो? आओ चलो कहीं छुप जाए.. अच्छा!
भीगा-भीगा नशीला दिन है
कैसे कहो, प्यासे रह पाएं
तू मेरी मैं हूँ तेरा, तेरी कसम
मैं तेरी तू है मेरा, मेरी कसम
आज मदहोश हुआ जाए रे...
शरारत करने को ललचाये रे...

रोम-रोम बहे सुर धारा
अंग-अंग बजे शहनाई
जीवन सारा मिला एक पल में
जाने कैसी घड़ी ये आयी
छू लिया आज मैंने सारा गगन
नाचे मन आज मोरा छूम छनन
आज मदहोश हुआ जाए रे...
शरारत करने को ललचाये रे...
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