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रंग-बिरंगी राखी लेके - Rang Birangi Rakhi Lekar (Lata Mangeshkar)

Movie/Album: अनपढ़ (1962)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर

रंग-बिरंगी राखी लेके आई बहना
राखी बँधवा ले मेरे वीर

मैं ना चाँदी, ना सोने के हार माँगूँ
अपने भईया का थोड़ा सा प्यार माँगूँ
थोड़ा सा प्यार माँगूँ, सोना हज़ार माँगूँ
इस राखी में प्यार छुपा ले लाई बहना
राखी बँधवाले मेरे वीर...

नीले अम्बर से तारे उतार लाऊँ
या मैं चँदा की किरणों के हार लाऊँ
किरणों के हार लाऊँ, हँस के बहार लाऊं
प्यार के बदले बन बन के लहराई बहना
राखी बँधवाले मेरे वीर...

कभी भईया ये बहना न पास होगी
कहीं परदेस बैठी उदास होगी
बहना उदास होगी, मिलने की आस होगी
जाने कौन बिछड़ जाए कब भाई-बहना
राखी बँधवाले मेरे वीर...
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आप क्यों रोए - Aap Kyon Roye (Lata Mangeshkar)

| Thursday, July 14, 2011 |

Movie/Album: वो कौन थी (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहँदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर

जो हमने दास्तां अपनी सुनाई
आप क्यों रोए
तबाही तो हमारे दिल पे आई
आप क्यों रोए

हमारा दर्द-ए-ग़म है ये, इसे क्यों आप सहते हैं
ये क्यों आँसू हमारे, आपकी आँखों से बहते हैं
ग़मों की आग हमने खुद लगाई
आप क्यों रोए...

बहुत रोए मगर अब आपकी खातिर न रोएंगे
न अपना चैन खोकर आपका हम चैन खोएंगे
कयामत आपके अश्कों ने ढाई
आप क्यों रोए...

न ये आँसू रुके तो देखिये, फिर हम भी रो देंगे
हम अपने आँसुओं में चाँद तारों को डूबो देंगे
फ़ना हो जाएगी सारी खुदाई
आप क्यों रोए...
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है इसी में प्यार की आबरू - Hai Isi Mein Pyar Ki Aabroo (Lata Mangeshkar)

| Monday, July 4, 2011 |

Movie/Album: अनपढ़ (1962)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर
   
है इसी में प्यार की आबरू
वो ज़फ़ा करें मैं वफ़ा करूँ
जो वफ़ा भी काम न आ सके
तो वो ही कहें कि मैं क्या करूँ

मुझे ग़म भी उनका अज़ीज़ है
के उन्हीं की दी हुई चीज़ है
यही ग़म है अब मेरी ज़िंदगी
इसे कैसे दिल से जुदा करूँ
है इसी...
 
जो न बन सके मैं वो बात हूँ
जो न ख़त्म हो मैं वो रात हूँ
ये लिखा है मेरे नसीब में
यूँ ही शम्मा बन के जला करूँ
है इसी...
 
न किसी के दिल की हूँ आरज़ू
न किसी नज़र की हूँ जुस्तजू
मैं वो फूल हूँ जो उदास हो
न बहार आए तो क्या करूँ
है इसी...
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