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दिल ढूँढता है - Dil Dhoondhta Hai (Bhupinder Singh, Lata Mangeshkar)

| Saturday, June 30, 2012 |

Movie/Album: मौसम (1975)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: भूपिंदर सिंह, लता मंगेशकर

दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन
बैठे रहे तसव्वुर-ए-जानाँ किये हुए
दिल ढूँढता है...

जाड़ों की नर्म धूप और आँगन में लेट कर
आँखों पे खींचकर आँचल के साये को
औंधे पड़े रहें कभी करवट लिये हुए
दिल ढूँढता है...

या गरमियों की रात जो पुरवाईयाँ चलें
ठंडी सफ़ेद चादरों पे जागें देर तक
तारों को देखते रहें छत पर पड़े हुए
दिल ढूँढता है...

बर्फ़ीली सर्दियों में किसी भी पहाड़ पर
वादी में गूँजती हुई खामोशियाँ सुनें
आँखों में भीगे-भीगे लम्हें लिये हुए
दिल ढूँढता है...
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बीती ना बिताई रैना - Beeti Na Bitaayi Raina (Lata Mangeshkar, Bhupinder)

| Saturday, June 9, 2012 |

Movie/Album: परिचय (1972)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: लता मंगेशकर, भूपिंदर

बीती न बिताई रैना बिरहा की जाई रैना
भीगी हुई अंखियों ने लाख बुझाई रैना

बीती हुई बतियाँ कोई दोहराये
भूले हुए नामों से कोई तो बुलाये
चाँद..
चाँद की बिन दीवानी, बिन दीवानी रतियाँ
जागी हुई अंखियों में रात न आई रैना
बीती न बिताई रैना...

युग आते हैं और युग जाए
छोटी-छोटी यादों के
पल नहीं जाए
झूठ से काली लागे, लागे काली रतिया
रूठी हुईं अंखियों ने लाख मनाई रैना
बीती ना बिताई रैना...
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दो दीवाने शहर में - Do Deewane Sheher Mein (Bhupinder Singh, Runa Laila)

| Saturday, May 19, 2012 |

Movie/Album: घरौंदा (1977)
Music By: जयदेव
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: भूपिंदर सिंह, रुना लैला

दो दीवाने शहर में
रात में और दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं
इक आशियाना ढूँढते हैं

इन भूल-भुलइया गलियों में, अपना भी कोई घर होगा
अम्बर पे खुलेगी खिड़की या, खिड़की पे खुला अम्बर होगा
असमानी रंग की आँखों में
असमानी या आसमानी?
असमानी रंग की आँखों में
बसने का बहाना ढूंढते हैं, ढूंढते हैं
आबोदाना ढूंढते हैं...
दो दीवाने शहर में...

जब तारे ज़मीं पर
तारे, और ज़मीं पर?
Of Course!
जब तारे ज़मीं पर चलते हैं
आकाश ज़मीं हो जाता है
उस रात नहीं फिर घर जाता, वो चांद यहीं सो जाता है
जब तारे ज़मीं पर चलते हैं
आकाश ज़मीं हो जाता है
उस रात नहीं फिर घर जाता, वो चांद यहीं सो जाता है
पल भर के लिये इन आँखों में हम एक ज़माना ढूंढते हैं, ढूंढते हैं
आबोदाना ढूंढते हैं...
दो दीवाने शहर में...
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