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इन्साफ का मंदिर है ये - Insaf Ka Mandir Hai Ye (Md.Rafi)

| Tuesday, December 25, 2012 |

Movie/Album: अमर (1954)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी

इन्साफ का मंदिर है ये भगवान का घर है
कहना है जो कह दे तुझे किस बात का डर है

है खोट तेरे मन मे जो भगवान से है दूर
है पाँव तेरे फिर भी तू आने से है मजबूर
हिम्मत है तो आजा, ये भलाई की डगर है
इन्साफ का मंदिर है...

दुःख दे के जो दुखिया से ना इन्साफ करेगा
भगवान भी उसको ना कभी माफ़ करेगा
ये सोच ले हर बात की दाता को खबर है
हिम्मत है तो आजा, ये भलाई की डगर है
इन्साफ का मंदिर है...

है पास तेरे जिसकी अमानत उसे दे दे
निर्धन भी है इंसान, मोहब्बत उसे दे दे
जिस दर पे सभी एक हैं बन्दे, ये वो दर है
इन्साफ का मंदिर है...

मायूस ना हो हार के तक़दीर की बाज़ी
प्यारा है वो गम जिसमें हो भगवान भी राज़ी
दुःख दर्द मिले जिसमें, वही प्यार अमर है
ये सोच ले हर बात की दाता को खबर है
इन्साफ का मंदिर है...
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तेरी महफ़िल में किस्मत - Teri Mehfil Mein Kismat (Shamshad, Lata)

| Saturday, October 13, 2012 |

Movie/Album: मुग़ल-ए-आज़म (1960)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: शमशाद बेगम, लता मंगेशकर

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
तेरे कदमों पे सर अपना झुका कर हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे

बहारें आज पैग़ाम-ए-मोहब्बत ले के आई हैं
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
ग़म-ए-दिल से जरा दामन बचाकर हम भी देखेंगे
अजी हाँ...

अगर दिल ग़म से खाली हो तो जीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
मोहब्बत में जरा आँसू बहाकर हम भी देखेंगे
अजी हाँ...

मोहब्बत करने वालो का है बस इतना ही अफ़साना
तड़पना चुपके-चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
किसी दिन ये तमाशा मुस्कुरा कर हम भी देखेंगे
तेरी महफ़िल में किस्मत...

मोहब्बत हमने माना ज़िन्दगी बरबाद करती है
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
किसी के इश्क़ में दुनिया लुटाकर हम भी देखेंगे
तेरी महफ़िल में किस्मत...
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होली आयी रे कन्हाई - Holi Aayi Re Kanhai (Shamshad Begum)

| Thursday, October 11, 2012 |

Movie/Album: मदर इंडिया (1957)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: शमशाद बेगम

होली आयी रे कन्हाई
रंग छलके
सुना दे ज़रा बांसरी

बरसे गुलाल रंग मोरे अंगनवा
अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनवा
... हो देखो नाचे मोरा मनवा
तोरे कारन घर से आई हूँ निकल के
सुना दे ज़रा बांसरी
होली आयी रे...

छूटे ना रंग ऐसी रंग दे चुनरिया
धोबनिया धोये चाहे सारी उमरिया
... हो मन को रंग देगा साँवरिया
मोहे भाये ना हरजाई रंग हलके
सुना दे ज़रा बांसरी
होली आयी रे...

लकड़ी जल कोयला भई
और कोयला जल भयो राख
मैं पापन ऐसी जली
ना कोयला भई, ना राख

होली घर आई तू भी आजा मुरारी
मन ही मन राधा रोये बिरहा की मारी
... हो नहीं मारो पिचकारी
काहे छोड़ी रे कलाई संग चल के
सुना दे ज़रा बांसरी
होली आई रे...
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तू गंगा की मौज - Tu Ganga Ki Mauj (Md.Rafi, Lata Mangeshkar)

| Saturday, March 31, 2012 |

Movie/Album: बैजू बावरा (1952)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

अकेली मत जइयो राधे जमुना के तीर

तू गंगा की मौज, मैं जमुना का धारा
हो रहेगा मिलन, ये हमारा
हमारा, तुम्हारा रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा

अगर तू है सागर तो मझधार मैं हूँ
तेरे दिल की कश्ती का पतवार मैं हूँ
चलेगी अकेले न तुमसे ये नैय
मिलेंगी न मंज़िल तुम्हें बिन खेवैया
चले आओ जी, चले आओ जी
चले आओ मौजों का ले कर सहारा, हो रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा...

भला कैसे टूटेंगे बंधन ये दिल के
बिछड़ती नहीं मौज से मौज मिल के
छुपोगे भँवर में तो छुपने न देंगे
डुबो देंगे नैया तुम्हें ढूँढ लेंगे
बनायेंगे हम, बनायेंगे हम
बनायेंगे तूफ़ाँ को लेकर किनारा, हो रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा...
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कहीं दीप जले कहीं दिल - Kahin Deep Jale Kahin Dil (Lata Mangeshkar)

| Friday, March 30, 2012 |

Movie/Album: बीस साल बाद (1962)
Music By: हेमंत कुमार
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: लता मंगेशकर

कहीं दीप जले कहीं दिल
ज़रा देख ले आ कर परवाने
तेरी कौन सी है मंज़िल
कहीं दीप जले कहीं दिल

मेरा गीत तेरे दिल की पुकार है
जहाँ मैं हूँ वहीं तेरा प्यार है
मेरा दिल है तेरी महफ़िल
ज़रा देख ले आ कर...

ना मैं सपना हूँ ना कोई राज़ हूँ
एक दर्द भरी आवाज़ हूँ
पिया देर न कर आ मिल
ज़रा देख ले आ कर...

दुश्मन हैं हज़ारों यहाँ जान के
ज़रा मिलना नज़र पहचान के
कई रूप में हैं क़ातिल
ज़रा देख ले आ कर...
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आज पुरानी राहों से - Aaj Purani Raahon Se (Md.Rafi)

| Saturday, February 11, 2012 |

Movie/Album: आदमी (1968)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी

आज पुरानी राहों से, कोई मुझे आवाज़ न दे
दर्द में डूबे गीत न दे, गम का सिसकता साज़ न दे

बीते दिनों की याद थी जिनमें, मैं वो तराने भूल चुका
आज नई मंज़िल है मेरी, कल के ठिकाने भूल चुका
न वो दिल न सनम, न वो दीन-धरम
अब दूर हूँ सारे गुनाहों से
आज पुरानी राहों से...

टूट चुके सब प्यार के बंधन, आज कोई ज़ंजीर नहीं
शीशा-ए-दिल में अरमानों की, आज कोई तस्वीर नहीं
अब शाद हूँ मैं, आज़ाद हूँ मैं
कुछ काम नहीं है आहों से
आज पुरानी राहों से...

जीवन बदला, दुनिया बदली, मन को अनोखा ज्ञान मिला
आज मुझे अपने ही दिल में, एक नया इनसान मिला
पहुँचा हूँ वहाँ, नहीं दूर जहाँ
भगवान भी मेरी निगाहों से
आज पुरानी राहों से...
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ज़रा नज़रों से कह दो जी - Zara Nazron Se Keh Do Ji (Hemant Kumar)

| Thursday, October 13, 2011 |

Movie/Album: बीस साल बाद (1962)
Music By: हेमंत कुमार
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: हेमंत कुमार

ज़रा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
मज़ा जब है तुम्हारी हर अदा क़ातिल ही कहलाए

क़ातिल तुम्हें पुकारूँ, के जान-ए-वफ़ा कहूँ
हैरत में पड़ गया हूँ, के मैं तुमको क्या कहूँ
ज़माना है तुम्हारा, चाहे जिसकी ज़िंदगी ले लो
अगर मेरा कहा मानो तो ऐसे खेल न खेलो
तुम्हारी इस शरारत से, न जाने किसकी मौत आए
ज़रा नज़रों से...

कितनी मासूम लग रही हो तुम
तुमको ज़ालिम कहे
वो झूठा है
ये भोलापन तुम्हारा, ये शरारत और ये शोखी
ज़रूरत क्या तुम्हें तलवार की तीरों की खंजर की
नज़र भर के जिसे तुम देख लो वो खुद ही मर जाए
ज़रा नज़रों से...

हम पे क्यों इस क़दर बिगड़ती हो
छेड़ने वाले तुमको
और भी हैं
बहारों पर करो गुस्सा, उलझती है जो आँखों से
हवाओं पर करो गुस्सा, जो टकराती हैं ज़ुल्फ़ों से
कहीं ऐसा न हो कोई, तुम्हारा दिल भी ले जाए
ज़रा नज़रों से...
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बचपन की मोहब्बत को - Bachpan Ki Mohabbat Ko (Lata Mangeshkar)

| Wednesday, October 12, 2011 |

Movie/Album: बैजू बावरा (1952)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: लता मंगेशकर

बचपन की मोहब्बत को दिल से ना जुदा करना
जब याद मेरी आए मिलने की दुआ करना

घर मेरे उम्मीदों का, सूना किए जाते हो
दुनिया ये मोहब्बत की, लूटे लिए जाते हो
जो ग़म दिए जाते हो, उस ग़म की दुआ करना
बचपन की मोहब्बत...

सावन में पपीहे का, सँगीत सुनाऊँगी
फ़रियाद तुझे अपनी, गा-गा के सुनाऊँगी
आवाज़ मेरी सुनके, दिल थाम लिया करना
बचपन की मोहब्बत...
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मोहे भूल गए साँवरिया - Mohe Bhool Gaye Saanwariya (Lata Mangeskar)

| Saturday, September 17, 2011 |

Movie/Album: बैजू बावरा (1952)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: लता मंगेशकर

जो मैं ऐसा जानती
के प्रीत किये दुख होय
नगर ढिंढोरा पीटती
के प्रीत न करियो कोय

मोहे भूल गए साँवरिया, भूल गए साँवरिया
आवन कह गये, अजहुं न आये
लीनी न मोरी खबरिया
मोहे भूल गए...

दिल को दिए क्यों दुख बिरहा के
तोड़ दिया क्यों महल बना के
आस दिला के ओ बेदर्दी
फेर ली काहे नजरिया
मोहे भूल गए...

नैन कहे रो-रो के सजना
देख चुके हम प्यार का सपना
प्रीत है झूठी, प्रीतम झूठा
झूठी है सारी नगरिया
मोहे भूल गए...
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मन तड़पत हरि दर्शन - Man Tadpat Hari Darshan (Md.Rafi)

| Monday, September 5, 2011 |

Movie/Album: बैजू बावरा (1952)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी

मन तड़पत हरि दर्शन को आज
मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज
विनती करत हूँ रखियो लाज

तुम्हरे द्वार का मैं हूँ जोगी
हमरी ओर नज़र कब होगी
सुन मोरे व्याकुल मन का बात
तड़पत हरी...

बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पाऊँ
दीजो दान हरी गुन गाऊँ
सब गुनी जन पे तुम्हारा राज
तड़पत हरी...

मुरली मनोहर आस न तोड़ो
दुख भंजन मोरा साथ न छोड़ो
मोहे दरसन भिक्षा दे दो आज, दे दो आज
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नन्हां मुन्ना राही हूँ - Nanha Munna Rahi Hoon (Shanti Mathur)

| Friday, August 5, 2011 |

Movie/Album: सन ऑफ़ इंडिया (1962)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: शांति माथुर

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

रस्ते में चलूंगा न डर-डर के
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के
मंज़िल से पहले ना लूंगा कहीं दम
आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम
दाहिने-बाएं, दाहिने-बाएं, थम
नन्हां मुन्ना...

धूप में पसीना बहाऊंगा जहाँ
हरे-हरे खेत लहराएंगे वहाँ
धरती पे फ़ाके न पाएंगे जनम
आगे ही आगे...

नया है ज़माना मेरी नई है डगर
देश को बनाउंगा मशीनों का नगर
भारत किसी से रहेगा नहीं कम
आगे ही आगे...

बड़ा हो के देश का सहारा बनूंगा
दुनिया की आँखों का तारा बनूंगा
रखूँगा ऊंचा तिरंगा परचम
आगे ही आगे...

शांति की नगरी है मेरा ये वतन
सबको सिखाऊंगा मैं प्यार का चलन
दुनिया में गिरने न दूंगा कहीं बम
आगे ही आगे...
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इन्साफ की डगर पे - Insaaf Ki Dagar Pe (Hemant Kumar)

| Friday, July 22, 2011 |

Movie/Album: गंगा जमुना (1961)
Music By: नौशाद
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: हेमंत कुमार

इन्साफ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के

दुनिया के रंज सहना और कुछ ना मुँह से कहना
सच्चाईयों के बल पे, आगे को बढ़ते रहना
रख दोगे एक दिन तुम, संसार को बदल के
इन्साफ की डगर पे...

अपने हों या पराए, सब के लिए हो न्याय
देखो कदम तुम्हारा, हरगिज़ ना डगमगाए
रस्ते बड़े कठिन हैं, चलना संभल-संभल के
इन्साफ की डगर पे...

इन्सानियत के सर पे, इज़्ज़त का ताज रखना
तन मन की भेंट देकर, भारत की लाज रखना
जीवन नया मिलेगा, अंतिम चिता में जल के
इन्साफ की डगर पे...
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लो आ गयी उनकी याद - Lo Aa Gayi Unki Yaad (Lata Mangeshkar)

| Monday, June 13, 2011 |

Movie/Album : दो बदन (1966)
Music By : रवि
Lyrics By : शकील बदायुनी
Performed By : लता मंगेशकर

लो आ गयी उनकी याद,
वो नहीं आये

दिल उनको ढूंढता है, ग़म का श्रृंगार कर के
आँखें भी थक गयीं हैं, अब इंतज़ार कर के
इक सांस रह गयी है, वो भी न टूट जाये
लो आ...

रोती है आज हम पर, तन्हाईयाँ हमारी
वो भी न पाये शायद, परछाइयाँ हमारी
बढ़ते ही जा रहे हैं, मायूसियों के साये
लो आ...

लौ थरथरा रही है, अब शम्म-ए-ज़िन्दगी की
उजड़ी हुई मुहब्बत, मेहमाँ है दो घड़ी की
मर कर ही अब मिलेंगे, जी कर तो मिल न पाये
लो आ...
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