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बरसो रे - Barso Re (Guru, Shreya Ghoshal)

| Wednesday, June 6, 2012 |

Movie/Album: गुरु (2007)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: श्रेया घोषाल

बरसो रे मेघा-मेघा
बरसो रे, मेघा बरसो
मीठा है कोसा है, बारिश का बोसा है
जल-थल-चल-चल
चल-चल बहता चल

गीली-गीली माटी, गीली माटी के
चल घरौंदे बनायेंगे रे
हरी भरी अम्बी, अम्बी की डाली
मिल के झूले झुलाएंगे रे
धन बैजू गजनी, हल जोते सबने
बैलों की घंटी बजी, और ताल लगे भरने
रे तैर के चली, मैं तो पार चली
पार वाले पर ले किनारे चली
रे मेघा...
नन्ना रे..

काली-काली रातें, काली रातों में
ये बदरवा बरस जायेगा
गली-गली मुझको, मेघा ढूँढेगा
और गरज के पलट जायेगा
घर आँगन अंगना, और पानी का झरना
भूल न जाना मुझे, सब पूछेंगे वरना
रे बह के चली, मैं तो बह के चली
रे कहती चली, मैं तो कहके चली
रे मेघा...
नन्ना रे...
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एक लड़की भीगी-भागी सी - Ek Ladki Bheegi Bhaagi Si (Kishore Kumar)

| Tuesday, April 3, 2012 |

Movie/Album: चलती का नाम गाड़ी (1958)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार

एक लड़की भीगी-भागी सी
सोती रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात है

दिल ही दिल में जली जाती है
बिगड़ी-बिगड़ी चली आती है
मचली-मचली घर से निकली
पगली सी काली रात में
मिली इक अजनबी से...

डगमग-डगमग लहकी-लहकी
भूली भटकी बहकी-बहकी
बलखाती हुई, इठलाती हुई
सावन की सूनी रात में
मिली इक अजनबी से...

तन भीगा है, सर गीला है
उस का कोई पेंच भी ढीला है
तनती झुकती, चलती रुकती
निकली अंधेरी रात में
मिली इक अजनबी से...
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कहाँ से आए बदरा - Kahan Se Aaye Badra (Yesudas, Haimanti Shukla)

| Wednesday, March 28, 2012 |

Movie/Album: चश्मे बद्दूर (1981)
Music By: राज कमल
Lyrics By: इंदु जैन
Performed By: येसुदास, हेमंती शुक्ला

कहाँ से आए बदरा
घुलता जाए कजरा

पलकों के सतरंगे दीपक
बन बैठे आँसू की झालर
मोती का अनमोलक हीरा
मिट्टी में जा फिसला
कहाँ से आए बदरा...

नींद पिया के संग सिधारी
सपनों की सूखी फुलवारी
अमृत होठों तक आते ही
जैसे विष में बदला
कहाँ से आए बदरा...

उतरे मेघ या फिर छाये
निर्दय झोंके अगन बढ़ाये
बरसे हैं अब तोसे सावन
रोए मन है पगला
कहाँ से आये बदरा...
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ताल से ताल मिला - Taal Se Taal Mila (Taal, Alka Yagnik, Udit Narayan)

| Friday, March 23, 2012 |

Movie/Album: ताल (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण, सुखविंदर सिंह

दिल ये बेचैन वे
रस्ते पे नैन वे
जिन्दड़ी बेहाल है
सुर है ना ताल है
आजा सांवरिया आ
ताल से ताल मिला

सावन ने आज तो, मुझको भिगो दिया
हाय मेरी लाज ने, मुझको डुबो दिया
ऐसी लगी झड़ी, सोचूँ मैं ये खड़ी
कुछ मैंने खो दिया, क्या मैंने खो दिया
चुप क्यूँ है बोल तू, संग मेरे डोल तू
मेरी चाल से चाल मिला
ताल से ताल मिला...

माना अनजान है, तू मेरे वास्ते
माना अनजान हूँ, मैं तेरे वास्ते
मैं तुझको जान लूं, तू मुझको जान ले
आ दिल के पास आ, इस दिल के रास्ते
जो तेरा हाल है, वो मेरा हाल है
इस हाल से हाल मिला
ताल से ताल मिला...
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भीगी-भीगी रातों में - Bheegi Bheegi Raaton Mein (Kishore Kumar, Lata Mangeshkar)

| Wednesday, February 22, 2012 |

Movie/Album: अजनबी (1974)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

भीगी-भीगी रातों में, मीठी-मीठी बातों में
ऐसी बरसातों में, कैसा लगता है
ऐसा लगता है, तुम बनके बादल
मेरे बदन को भीगो के मुझे
छेड़ रहे हो, छेड़ रहे हो

अंबर खेले होली, उइमा
भीगी मोरी चोली, हमजोली, हमजोली
पानी के इस रेले में, सावन के इस मेले में
छत पे अकेले में, कैसा लगता है
ऐसा लगता है तुम बनके घटा
अपने सजन को भीगो के खेल
खेल रही हो, खेल रही हो

बरखा से बचा लूँ तुझे, सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूँ, आ छुपा लूँ
दिल ने पुकारा देखो, रुत का इशारा देखो
उफ़ ये नज़ारा देखो, कैसा लगता है, बोलो?
ऐसा लगता है कुछ हो जाएगा
मस्त पवन के यह झोके सैयां
देख रहे हो, देख रहे हो
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सावन का महीना पवन करे सोर - Saawan Ka Mahina Pawan Kare Sor (Lata, Mukesh)

| Tuesday, January 3, 2012 |

Movie/Album: मिलन (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

सावन का महीना, पवन करे सोर
सावन का महीना, पवन करे शोर
पवन करे सोर
पवन करे शोर
अरे बाबा शोर नहीं, सोर, सोर, सोर
पवन करे सोर, हाँ!
जियारा रे झूमे ऐसे, जैसे बनमा नाचे मोर

राम गजब ढाए ये पुरवैया
नैया संभालो कित खोये हो खिवैया
होय पुरवैया के आगे चले ना कोई जोर
जियारा रे झूमे...

मौजवा करे क्या जाने हमको इसारा
जाना कहाँ है पूछे नदिया की धारा
मरजी है तुम्हारी ले जाओ जिस ओर
जियारा रे झूमे...

जिनके बलम बैरी गए हैं बिदेसवा
आये हैं लेके उनके प्यार का संदेसवा
कारी मतवारी घटाएं घनघोर
जियारा रे झूमे...
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पिया तोरा कैसा अभिमान - Piya Tora Kaisa Abhimaan (Shubha Mudgal, Hariharan)

| Thursday, September 8, 2011 |

Movie/Album: रेनकोट (2004)
Music By: देबज्योती मिश्रा
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: शुभा मुदगल, हरिहरन

हरिहरन
पिया तोरा कैसा अभिमान

सघन सावन लायी कदम बहार
मथुरा से डोली लाये चारों कहार
नहीं आये केसरिया बालम हमार
अंगना बड़ा सुनसान
पिया तोरा...

अपने नयन से नीर बहाये
अपनी जमुना ख़ुद आप ही बनावे
लाख बार उसमें ही नहाये
पूरा न होयी अस्नान
सूखे केस, रूखे बेस
मनवा बेजान
पिया तोरा...

बोल सखी काहे करी साचों सिंगार
ना पहिनब अब सना-कांच न हार
खाली चन्दन लगाओ अंग मा हमार
चन्दन गरल समान
पिया तोरा...


शुभा मुदगल, गुलज़ार
पिया तोरा कैसा अभिमान

किसी मौसम का झौंका था
जो इस दीवार पर लटकी हुई तस्वीर तिरछी कर गया है
गये सावन में ये दीवारें यूँ सीली नहीं थीं
न जाने इस दफ़ा क्यूँ इनमें सीलन आ गयी है
दरारें पड़ गयी हैं
और सीलन इस तरह बहती है जैसे
ख़ुश्क रुख़सारों पे गीले आँसू चलते हों

सघन सावन लायी कदम बहार
मथुरा से डोली लाये चारों कहार
नहीं आये केसरिया बलमा हमार
अंगना बड़ा सुनसान

ये बारिश गुनगुनाती थी, इसी छत की मुंडेरों पर
ये घर की खिड़कियों के काँच पर उंगली से लिख जाती थी संदेसे
बिलखती रहती है बैठी हुई अब बंद रोशनदानों के पीछे

अपने नयन से नीर बहाये
अपनी जमुना ख़ुद आप ही बनावे

दोपहरें ऐसी लगती हैं
बिना मोहरों के खाली खाने रखे हैं
न कोई खेलने वाला है बाज़ी
और ना कोई चाल चलता है

लाख बार उसमें ही नहाये
पूरा न होयी अस्नान
फिर पूरा न होयी अस्नान
सूखे केस रूखे भेस
मनवा बेजान

न दिन होता है अब न रात होती है
सभी कुछ रुक गया है
वो क्या मौसम का झौंका था
जो इस दिवार पर लटकी हुई तस्वीर तिरछी कर गया है
पिया तोरा...
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भीगी भीगी रातों में फिर तुम आओ ना - Bheegi Bheegi Raaton Mein Fir Tum Aao Na (Adnan Sami)

| Tuesday, July 26, 2011 |

Movie/Album: कभी तो नज़र मिलाओ (2000)
Music By: अदनान सामी
Performed By: अदनान सामी

भीगी भीगी रातों में फिर तुम आओ ना
ऐसी बरसातों में आओ ना

धडकनों में आ गया है
एक नगमा तेरे प्यार का
जैसे कोई सुर मिला हो
दिल के तार से दिल के तार का
पल की हंसी में
यूँ ही दिल्लगी में यह दिल गया
हमें क्या मिला है
तुम्हें तो मेरा दिल भी मिल गया
लेके प्यार आँखों में आओ ना
भीगी भीगी...

आ रही है तेरी यादें
दिल मेरा फिर बेक़रार है
तुम मिलोगी, हाँ मिलोगी
दिल को मेरे ऐतबार है
खुली है यह बाहें
देखे यह निगाहें रास्ता तेरा
ज़रा मुस्कुरा के फिर से दिखा दे वो ही अदा
या तो मेरी यादों में आओ ना
भीगी भीगी...
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देखो ना - Dekho Na (Sonu Nigam, Sunidhi Chauhan)

| Monday, July 11, 2011 |

Movie/Album: फ़ना (2006)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: सोनू निगम, सुनिधि चौहान

ये साज़िश है बूंदों की
कोई ख्वाहिश है चुप-चुप सी
देखो ना...
हवा कुछ हौले-हौले
जुबां से क्या कुछ बोले
क्यों दूरी है अब दरमियाँ
देखो ना...

फिर ना हवाएं होंगी इतनी बेशरम
फिर ना डगमग-डगमग होंगे ये क़दम
सावन ये सीधा नहीं खुफ़िया बड़ा
कुछ तो बरसते हुए कह रहा
समझो ना...

जुगनूँ जैसी चाहत देखो जले बुझे
मीठी सी मुश्किल है कोई क्या करे
होंठों की अर्जी ऐसे ठुकराओ ना
साँसों की मर्जी को झुठलाओ ना
छू लो ना...
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रिमझिम गिरे सावन - Rimjhim Gire Saawan (Kishore Kumar, Lata Mangeshkar)

| Wednesday, June 22, 2011 |

Movie/Album : मंजिल (1979)
Music By : आर.डी.बर्मन
Lyrics By : योगेश
Performed By : लता मंगेशकर, किशोर कुमार

रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन

पहले भी यूँ तो बरसे थे बादल
पहले भी यूँ तो भीगा था आंचल
अब के बरस क्यूँ सजन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...

इस बार सावन दहका हुआ है
इस बार मौसम बहका हुआ है
जाने पी के चली क्या पवन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...

जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे
अरमाँ हमारे पलके न मूंदे
कैसे देखे सपने नयन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...

महफ़िल में कैसे कह दें किसी से
दिल बंध रहा है किस अजनबी से
हाय करें अब क्या जतन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...
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