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एक दिन आप यूँ - Ek Din Aap Yun (Abhijeet, Alka Yagnik, Yes Boss)

| Sunday, January 20, 2013 |

Movie/Album: यस बॉस (1997)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अभिजीत, अलका याग्निक

एक दिन आप यूं हमको मिल जाएंगे
फूल ही फूल राहों में खिल जाएंगे
मैंने सोचा न था
एक दिन ज़िंदगी इतनी होगी हसीं
झूमेगा आसमां, गाएगी ये ज़मीं
मैंने सोचा न था

दिल की डाली में कलियां खिलने लगीं
जब निगाहें निगाहों से मिलनें लगीं
एक दिन इस तरह होश खो जाएंगे
पास आएंगे मदहोश हो जाएंगे
मैंने सोचा न था
एक दिन आप यूं...

जगमगाती सुबह जगमगाती रात है
रात है या सितारों की बारात है
एक दिन दिल की राहों में अपने लिए
जल उठेंगे मोहब्बत के इतने दीये
मैंने सोचा न था
एक दिन आप यूं...
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मैं कोई ऐसा गीत गाऊं - Main Koi Aisa Geet Gaoon (Abhijeet, Alka Yagnik)

| Saturday, January 19, 2013 |

Movie/Album: यस बॉस (1997)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अभिजीत, अलका याग्निक

मैं कोई ऐसा गीत गाऊँ
कि आरजू जगाऊँ
अगर तुम कहो
तुमको बुलाऊँ
कि पलके बिछाऊँ
कदम तुम जहाँ जहाँ रखो
ज़मीं को आसमां बनाऊँ
सितारोँ से सजाऊँ
अगर तुम कहो

मैं तितलियों के पीछे भागूं
मैं जुगनूओं के पीछे जाऊँ
ये रंग हैं वो रोशनी हैं
तुम्हारे पास दोनों लाऊँ
जितनी खूश्बूयें बाग में मिले
मैं लाऊँ, वहां पे, के तुम हो जहाँ
जहाँ पे एक पल भी ठहरूं
मैं गुलसितां बनाऊँ
अगर तुम कहो...

अगर कहो तो मैं सुनाऊँ
तुम्हें हंसी कहानियाँ
सुनोगे क्या मेरी जुबानी
तुम एक परी की दास्ताँ
या मैं करूँ, तुम से बयाँ
कि राजा, से रानी, मिली थी कहाँ
कहानियों के नगर में
तुम्हें ले के जाऊँ
अगर तुम कहो...
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जिया लागे ना - Jiya Lage Na (Talaash, Sona Mohapatra, Ravindra Upadhyay)

| Friday, January 18, 2013 |

Movie/Album: तलाश (2012)
Music By: राम संपत
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोना मोहापात्रा, रविन्द्र उपाध्याय

मन तेरा जो रोग हैं, मोहे समझ ना आये
पास हैं जो सब छोड़ के, दूर को पास बुलाये
जिया लागे ना तुम बिन मोरा

क्या जाने क्यों हैं, क्या जाने कैसी
अनदेखी सी डोर
जो खैंचती है, जो ले चली है
अब यूँ मुझे तेरी ओर

मैं अंजानी, हूँ वो कहानी
होगी ना जो पूरी
पास आओगे, तो पाओगे
फिर भी है इक दूरी
जिया लागे ना...

मन अब तक जो, बूझ ना पाया
तुम वो पहेली हो
कोई ना जाने, क्या वो रहस है
जिसकी सहेली हो

मैं मुस्काऊं, सबसे छुपाऊं
ब्याकुल हूँ दिन रैन
कब से ना आयी, नैनों में निंदिया
मन में ना आया चैन
जिया लागे ना...
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चंदा रे चंदा रे - Chanda Re Chanda Re (Hariharan, Sadhna Sargam)

| Monday, December 24, 2012 |

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन, साधना सरगम

चंदा रे चंदा रे
कभी तो ज़मीं पर आ
बैठेंगे, बातें करेंगे
तुझको आते इधर, लाज आये अगर
ओढ़ के आजा, तू बादल घने

गुलशन-गुलशन, वादी-वादी
बहती है रेशम जैसी हवा
जंगल-जंगल, पर्वत-पर्वत
हैं नींद में सब इक मेरे सिवा
चंदा, चंदा
आजा सपनों की नीली नदिया में नहायें
आजा ये तारे चुनके हम, घार बनाएँ
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे चंदा रे...

चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
झरने क्यों गाते हैं, पंछी क्यों मतवाले
क्यों है सावन महीना घटाओं का
चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
चंदा, चंदा
तितली के पर क्यों इतने रंगीं होते हैं
जुगनू रातों में जागे, तो कब सोते हैं
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे, चंदा रे...
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आवारा भँवरे - Awara Bhanwre (A.R.Rehman, Hema Sardesai)

| Sunday, December 23, 2012 |

Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हेमा सरदेसाई, मलेशिया वासुदेवन

आवारा भँवरे जो हौले हौले गाएँ
फूलों के तन पे हवा ये सरसराये
कोयल की कुहू कुहू
पपीहे की पिहू पिहू
जंगल में झींगुर भी छाये जाये
नदियाँ में लहरें आयें
बलखायें छलकी जायें
भीगी होंठों से वो गुनगुनाएं
गाता है साहिल, गाता है बहता पानी
गाता है ये दिल सुन
सा रे गा मा पा धा नि सा रे

रात जो आये तो, सन्नाटा छाये तो
टिक-टिक करे घड़ी सुनो
दूर कहीं गुज़रे, रेल किसी पुल से
गूँजे धड़ाधड़ी सुनो
संगीत है ये, संगीत है
मन का संगीत सुनो
बाहों में लेके बच्चा, माँ जो कोई लोरी गाये
ममता का गीत सुनो
आवारा भँवरे...

भीगे परिन्दे जो, ख़ुद को सुखाने को
पर फड़फड़ाते हैं सुनो
गाय भी, बैल भी, गले में पड़ी घंटी
कैसे बजाते हैं सुनो
संगीत है ये, संगीत है
जीवन संगीत सुनो
बरखा रानी बूँदों की
पायल जो झनकाये
धरती का गीत सुनो
हिलको रे, हिलको रे...
आवारा भँवरे...
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ये हम आ गए हैं कहाँ - Ye Hum Aa Gaye Hain Kahan (Veer Zaara, Udit Narayan, Lata Mangeshkar)

| Wednesday, November 28, 2012 |

Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, लता मंगेशकर

लहराती हुई राहें, खोले हुए हैं बाँहें
ये हम आ गए हैं कहाँ
पलकों पे गहरे हलके, है रेशमी धुंधलके
ये हम आ गए हैं कहाँ

वो देखो ज़रा, पर्बतों पे घटायें
हमारी दास्ताँ, हौले से सुनाये
सुनो तो ज़रा, ये फूलों की वादी
हमारी ही कोई, कहानी है सुनाती
सपनों के इस नगर में, यादों की रहगुज़र में
ये हम आ गए हैं कहाँ...

जो राहों में है, रुत ने सोना बिखेरा
सुनहरा हुआ, तेरा-मेरा सवेरा
ज़मीं सो गयी, बर्फ की चादरों में
बस इक आग सी, जलती है दो दिलों में
हवाएँ सनासनाए, बदन काँप जाएँ
ये हम आ गए हैं कहाँ..

ये बरसात भी, कब थामें कौन जाने
तुम्हें मिल गए, प्यार के सौ बहाने
सितारों की है, जैसे बरात आई
हमारे लिए, रात यूँ जगमगाई
सपने भी झिलमिलायें, दिल में दीये जलायें
ये हम आ गए हैं कहाँ...
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क्यों हवा - Kyon Hawa (Yash Chopra, Sonu Nigam, Lata Mangeshkar)

| Tuesday, November 27, 2012 |

Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण

एक दिन जब सवेरे सवेरे
सुरमई से अंधेर की चादर हटा के
एक परबत के तकिये से
सूरज ने सर जो उठाया
तो देखा
दिल की वादी में चाहत का मौसम है
और यादों की डालियों पर
अनगिनत बीते लम्हों की कलियाँ महकने लगी हैं
अनकही, अनसुनी आरज़ू
आधी सोयी हुई, आधी जागी हुई
आँखें मलते हुए देखती है
लहर दर लहर, मौज दर मौज
बहती हुई ज़िन्दगी
जैसे हर एक पल नयी है
और फिर भी वही
हाँ, वही ज़िन्दगी
जिसके दामन में एक मोहब्बत भी है, कोई हसरत भी है
पास आना भी है, दूर जाना भी है
और ये एहसास है
वक़्त झरने सा बहता हुआ, जा रहा है
ये कहता हुवा
दिल की वादी में चाहत का मौसम है
और यादों की डालियों पर
अनगिनत बीते लम्हों की कलियाँ महकने लगी हैं

क्यूँ हवा आज यूँ गा रही है 
क्यूँ फिजा, रंग छलका रही है
मेरे दिल बता आज होना है क्या
चांदनी दिन में क्यूँ छा रही है
ज़िन्दगी किस तरफ जा रही है
मेरे दिल बता क्या है ये सिलसिला
क्यूँ हवा आज यूँ...

जहाँ तक भी जाएँ निगाहें, बरसते हैं जैसे उजाले
सजी आज क्यूँ है ये राहें, खिले फूल क्यूँ हैं निराले
खुश्बूयें, कैसी ये बह रही है
धड़कनें जाने क्या कह रही है
मेरे दिल बता ये कहानी है क्या
क्यूँ हवा आज यूँ...

ये किसका है चेहरा जिससे मैं, हर एक फूल में देखता हूँ
ये किसकी है आवाज़ जिसको, न सुन के भी मैं सुन रहा हूँ
कैसी ये आहटें आ रही हैं, कैसे ये ख्वाब दिखला रही है
मेरे दिल बता कौन है आ रहा
क्यूँ हवा आज यूँ...
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मैं यहाँ हूँ - Main Yahan Hoon (Veer Zaara, Udit Narayan)

| Monday, November 26, 2012 |

Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण

जानम देख लो मिट गयी दूरियाँ
मैं यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ
कैसी सरहदें, कैसी मजबूरियाँमैं यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ

तुम छुपा ना सकोगी मैं वो राज़ हूँ
तुम भूला ना सकोगी वो अंदाज़ हूँ
गूँजता हूँ जो दिल में तो हैरां हो क्यूँ
मैं तुम्हारे ही दिल की तो आवाज़ हूँ
सुन सको, तो सुनो, धड़कनों की ज़बां
मैं यहाँ हूँ...

मैं ही मैं अब तुम्हारे ख़यालों में हूँ
मैं जवाबों में हूँ, मैं सवालों में हूँ
मैं तुम्हारे हर इक ख्वाब में हूँ बसा
मैं तुम्हारी नज़र के उजालों में हूँ
देखती, हो मुझे, देखती हो जहाँ
मैं यहाँ हूँ...
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दो पल - Do Pal (Veer Zaara, Lata Mangeshkar, Sonu Nigam)

| Sunday, November 25, 2012 |

Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर, सोनू निगम

दो, पल रुका, ख्वाबों का कारवाँ
और फिर, चल दिए, तुम कहाँ, हम कहाँ
दो पल की थी, ये दिलों की दास्ताँ
और फिर, चल दिए, तुम कहाँ, हम कहाँ


तुम थे के थी कोई उजली किरण
तुम थे या कोई कली मुस्काई थी
तुम थे या सपनों का था सावन
तुम थे के खुशियों की घटा छाई थी
तुम थे के था कोई फूल खिला
तुम थे या मिला था मुझे नया जहां
दो पल रुका...

तुम थे या खुशबु हवाओं में थी
तुम थे या रंग सारी दिशाओं में थे
तुम थे या रोशनी राहों में थी
तुम थे या गीत गूँजे फ़िज़ाओं में थे
तुम थे मिले या मिली मंज़िलें
तुम थे के था जादू भरा कोई समां
दो पल रुका...
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तेरे लिए - Tere Liye (Veer Zaara, Lata Mangeshkar, Roop Kumar Rathod)

| Saturday, November 24, 2012 |

Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर, रूप कुमार राठोड़

तेरे लिए, हम हैं जिये, होठों को सीये
तेरे लिए, हम हैं जिये, हर आँसू पिये
दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दीये
तेरे लिए, तेरे लिए

ज़िंदगी, ले के आई है
बीते दिनों की किताब
घेरे हैं, अब हमें
यादें बे-हिसाब
बिन पूछे, मिले मुझे
कितने सारे जवाब
चाहा था क्या, पाया है क्या
हमने देखिए
दिल में मगर...

क्या कहूँ, दुनिया ने किया
मुझसे कैसा बैर
हुकुम था, मैं जियूं
लेकिन तेरे बगैर
नादां हैं वो, कहते हैं जो
मेरे लिए तुम हो गैर
कितने सितम, हम पे सनम
लोगों ने किए
दिल में मगर...
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जश्न-ए-बहारा - Jashn-e-Bahara (Jodhaa Akbar, Javed Ali)

| Saturday, October 27, 2012 |

Movie/Album: जोधा अकबर (2008)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: जावेद अली

कहने को जश्न-ए-बहारा है
दिल ये देख के हैराँ है
फूल से खुशबू ख़फ़ा-खफा है गुलशन में
छुपा है कोई रंज फिज़ा की चिलमन में
सारे सहमे नज़ारे हैं
सोये-सोये वक्त के धारे हैं
और दिल में खोई-खोई सी बातें हैं

कैसे कहें क्या है सितम
सोचते हैं अब ये हम
कोई कैसे कहे वो हैं या नहीं हमारे
करते तो हैं साथ सफर
फासले हैं फिर भी मगर
जैसे मिलते नहीं किसी दरिया के दो किनारे
पास हैं फिर भी पास नहीं
हमको ये गम रास नहीं
शीशे की इक दीवार है जैसे दरमियाँ
सारे सहमे नज़ारे हैं...

हमने जो था नगमा सुना
दिल ने था उसको चुना
ये दास्तान हमें वक्त ने कैसी सुनाई
हम जो अगर हैं गमगीं
वो भी उधर खुश तो नहीं
मुलाकातों में है जैसे घुल सी गई तन्हाई
मिलके भी हम मिलते नहीं
खिलके भी गुल खिलते नहीं
आँखों में हैं बहारें, दिल में खिज़ा
सारे सहमे नज़ारे हैं...
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इन लम्हों के दामन - In Lamhon Ke Daaman (Jodhaa Akbar, Sonu Nigam, Madhushree)

| Friday, October 26, 2012 |

Movie/Album: जोधा अकबर (2008)
Music By: ए आर रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, मधुश्री

इन लम्हों के दामन में
पाकीज़ा से रिश्ते हैं
कोई कलमा मोहब्बत का
दोहराते फ़रिश्ते हैं
खामोश सी है ज़मीं
हैरान सा फ़लक है
इक नूर ही नूर सा
अब आसमां तलक है

नगमें ही नगमें हैं जागती-सोती फ़िज़ाओं में
हुस्न है सारी अदाओं में
इश्क है जैसे हवाओं में

कैसा ये इश्क है, कैसा ये ख्वाब है
कैसे जज़्बात का उमड़ा सैलाब है
दिन बदले, रातें बदली, बातें बदली
जीने के अंदाज़ ही बदले हैं
इन लम्हों के दामन...

समय ने ये क्या किया
बदल दी है काया
तुम्हें मैंने पा लिया
मुझे तुमने पाया
मिले देखो ऐसे हैं हम
कि दो सुर हों जैसे मद्धम
कोई ज़्यादा ना कोई कम
किसी राग में
के प्रेम आग में
जलते दोनों ही के
तन भी हैं मन भी
मन भी हैं तन भी

मेरे ख़्वाबों के इस गुलिस्ता में
तुमसे ही तो बहार छाई है
फूलों में रंग मेरे थे लेकिन
इनमें खुश्बू तुम्हीं से आई है

क्योँ है ये आरज़ू, क्योँ है ये जुस्तजू
क्योँ दिल बेचैन है, क्योँ दिल बेताब है
दिन बदले, रातें बदली, बातें बदलीं
जीने के अंदाज़ भी बदले हैं
इन लम्हों के दामन में...
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राधा कैसे न जले - Radha Kaise Na Jale (Lagaan, Asha Bhosle, Udit Narayan)

| Thursday, August 9, 2012 |

Movie/Album: लगान (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By:आशा भोंसले, उदित नारायण, वैशाली

मधुबन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले
कभी मुस्काये, कभी छेड़े, कभी बात करे
राधा कैसे न जले, राधा कैसे न जले
आग तनमन में लगे
राधा कैसे न जले, राधा कैसे न जले

मधुबन में भले कान्हा किसी गोपी से मिले
मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिले
किस लिये राधा जले, किस लिये राधा जले
बिना सोचे समझे
किस लिये राधा जले, किस लिये राधा जले

गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
फिर क्यों है उसको बिसवास (विश्वास) आधा
कान्हा जी का जो सदा इधर-उधर ध्यान रहे
राधा बेचारी फिर को अपने पे क्या मान रहे
गोपियाँ आनी-जानी हैं
राधा तो मन की रानी है
साँझ सखारे, जमुना किनारे
राधा राधा ही कान्हा पुकारे
बाहों के हार जो डाले कोई कान्हा के गले
राधा कैसे न जले...

मन में है राधे को कान्हा जो बसाये
तो कान्हा काहे को उसे न बताए
प्रेम की अपनी अलग, बोली अलग, भासा (भाषा) है
बात नैनों से हो, कान्हा की यही आसा (आशा) है
कान्हा के ये जो नैना हैं
जिनमें गोपियों के चैना हैं
मिली नजरिया, हुई बावरिया
गोरी गोरी सी कोई गुजरिया
कान्हा का प्यार किसी गोपी के मन में जो पले
किस लिये राधा जले, राधा जले, राधा जले
रधा कैसे न जले...
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मैं और मेरी आवारगी - Main Aur Meri Awargi (Kishore Kumar)

| Friday, August 3, 2012 |

Movie/Album: दुनिया (1984)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: किशोर कुमार

फिरते हैं कब से दरबदर
अब इस नगर, अब उस नगर
एक दूसरे के हमसफ़र
मैं और मेरी आवारगी
ना आशना हर रहगुज़र
ना मेहरबाँ सबकी नज़र
जायें तो अब जायें किधर
मैं और मेरी आवारगी

इक दिन मिली एक महजबीं
तन भी हसीं, जां भी हसीं
दिल ने कहा हमसे वहीँ
ख़्वाबों की है मंजिल यहीं
फिर यूँ हुआ वो खो गयी
तू मुझको जिद सी हो गयी
लाएँगे उसको ढूँढकर
मैं और मेरी आवारगी...

ये दिल ही था जो सह गया
जो बात ऐसी कह गया
कहने को फिर क्या रह गया
अश्कों का दरिया बह गया
जब कहके वो दिलबर गया
तेरे लिये मैं मर गया
रोते हैं उसको रात भर
मैं और मेरी आवारगी...

हम भी कभी आबाद थे
ऐसे कहाँ बरबाद थे
बेफिक्र थे, आज़ाद थे
मसरूर थे, दिलशाद थे
वो चाल ऐसी चल गया
हम बुझ गये दिल जल गया
निकले जला के अपना घर
मैं और मेरी आवारगी...
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कल हो न हो - Kal Ho Na Ho (Sonu Nigam)

| Thursday, May 17, 2012 |

Movie/Album: कल हो न हो (2003)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By:सोनू निगम

हर घड़ी बदल रही है रूप ज़िंदगी
छाँव है कभी, कभी है धूप ज़िंदगी
हर पल यहाँ जी भर जियो
जो है समाँ कल हो न हो

चाहे जो तुम्हें पूरे दिल से
मिलता है वो मुश्किल से
ऐसा जो कोई कहीं है
बस वो ही सबसे हसीं है
उस हाथ को तुम थाम लो
वो मेहरबाँ कल हो न हो
हर पल यहाँ...

पलकों के ले के साये
पास कोई जो आये
लाख सम्भालो पागल दिल को
दिल धड़के ही जाये
पर सोच लो इस पल है जो
वो दास्ताँ कल हो न हो
हर घड़ी बदल रही है...
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रात की हथेली पर - Raat Ki Hatheli Par (Udit Narayan, Refugee)

| Tuesday, May 15, 2012 |

Movie/Album: रिफ्यूजी (2000)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण

रात की हथेली पर, चाँद जगमगाता है
उसकी नर्म किरणों में
तुमको देखता हूँ तो
दिल धड़क सा जाता है
दिल धड़क सा जाता है

तुम कहाँ से आई हो
किस नगर को जाओगी
सोचता हूँ मैं  हैरां
चाँद जैसा ये चेहरा
रात जैसी ये जुल्फें
है जगाएं सौ अरमां
एक नशा सा आँखों में, धीरे-धीरे छाता है
रात की हथेली पर...

मेरी इस तन्हाई में
मेरे इस वीराने में
रंग लेके तुम आई
फिर भी सोचता हूँ मैं
क्या यहाँ तुम सचमुच हो
या हो सिर्फ परछाई
ख्व़ाब जैसा बनता है और टूट जाता है
रात की हथेली पर...
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ताल पे जब ये - Taal Pe Jab Ye (Alka Yagnik, Sonu Nigam, Refugee)

| Monday, May 14, 2012 |

Movie/Album: रिफ्यूजी (2000)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, सोनू निगम

ताल पे जब ये जिंदगानी चली
हम हैं दीवाने, ये कहानी चली

तेरी नज़र की धूप है जिसने मुझको रूप दिया
निखर गयी हूँ संवर गयी हूँ जबसे प्यार किया
सच तो ये है सनम
है ये तेरे करम
होश सारा गंवाके दीवानी चली
ताल पे जब ये...

सच कहता हूँ मैं जबसे थामा है ये आँचल
मेरी दुनिया में हर पल है जैसे कोई हलचल
सपने सजने लगे
साज़ बजने लगे
बदला मौसम हवा जो सुहानी चली
ताल पे जब ये...
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पंछी, नदियाँ, पवन के झोंके - Panchhi Nadiyaan Pawan Ke Jhonke (Alka Yagnik, Sonu Nigam, Refugee)

| Sunday, May 13, 2012 |

Movie/Album: रिफ्यूजी (2000)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, सोनू निगम

पंछी, नदियाँ, पवन के झोंके
कोई सरहद ना इन्हें रोके
सरहद इंसानों के लिए है
सोचो, तुमने और मैंने क्या पाया
इन्सां होके

जो हम दोनों पंछी होते, तैरते हम इस नीले गगन में, पंख पसारे
सारी धरती अपनी होती, अपने होते, सारे नज़ारे
खुली फिजाओं में उड़ते
अपने दिलों में हम सारा प्यार समो के
पंछी, नदियाँ, पवन...

जो मैं होती नदिया और तुम पवन के झोंके, तो क्या होता
पवन के झोंके नदी के तन को जब छूते हैं
लहरें ही लहरें बनती हैं
हम दोनों जब मिलते तो कुछ ऐसा होता
सब कहते ये लहर-लहर जहाँ भी जाएं, इनको ना, कोई टोके
पंछी, नदियाँ, पवन...
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ऐसा लगता है - Aisa Lagta Hai (Alka Yagnik, Sonu Nigam, Refugee)

| Saturday, May 12, 2012 |

Movie/Album: रिफ्यूजी (2000)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, सोनू निगम

ऐसा लगता है, जो ना हुआ, होने को है
ऐसा लगता है, अब दिल मेरा खोने को है
वर्ना, दिल क्यों धड़कता
सांसें क्यों रूकती
नींदें मेरी क्यों उड़ जाती
ऐसा लगता है...

कोई चेहरा निगाहों पे छाने लगा
कोई अब रोज़ ख़्वाबों में आने लगा
आई रुत जो नयी, जागे अरमां कई
मौसम कोई ग़ज़ल जैसे गाने लगा
ऐसा लगता है, जैसे नशा होने को है..
ऐसा लगता है, होश मेरा खोने को है..

महकी, महकी फिजा ने ली अंगड़ाइयां
नीली, नीली है बादल की परछाइयां
ठंडी, ठंडी हवा लायी राग नया
गूंजी, गूंजी सी है जैसे शहनाइयां
ऐसा लगता है, कोई मेरा होने को है..
ऐसा लगता है, हर फासला खोने को है..
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मेरे हमसफ़र - Mere Humsafar (Alka Yagnik, Sonu Nigam, Refugee)

| Friday, May 11, 2012 |

Movie/Album: रिफ्यूजी (2000)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, सोनू निगम

मेरे हमसफ़र, मेरे हमसफ़र
मेरे पास आ, मेरे पास आ
हमें साथ चलना है उम्र भर
मेरे पास आ, मेरे पास आ

है सफ़र ये हमारा नया-नया
किसी पल अँधेरा जो हो गया
कहीं खो न जाएँ ये रहगुज़र
मेरे पास आ...

ज़रा ठहर जा मेरे हमनवा
यहाँ अगले मोड़ पे होगा क्या
किसे है पता, किसे है खबर
मेरे पास आ...

जो घरों को छोड़ के हैं चले
उन्हें क्या डरायेंगे फासले
हमें जाना है दिल के नगर
मेरे पास आ...
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