Labels

About Me

Showing posts with label Mahendra Kapoor. Show all posts
Showing posts with label Mahendra Kapoor. Show all posts

पुरवा सुहानी आयी रे - Purva Suhani Aayi Re (Mahendra Kapoor)

Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर, मनोहर उदास

ढोली ढोल बजाना, ताल से ताल मिलाना

पुरवा सुहानी आयी रे, पुरवा
ऋतुओं की रानी आयी रे, पुरवा
मेरे रुके नहीं पाँव, नाच उठा सारा गाँव
प्रीत पे जवानी छाई रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...

मौसम का मुसाफिर खड़ा रस्ते में
उसके हाथों सब कुछ लुटा सस्ते में
छोटी सी उमरिया है, लम्बी सी डगरिया रे
जीवन है परछाई रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...

कर ले, कर भी ले प्यार की पूजा
प्यार के रंग पे चढ़े ना रंग दूजा
क्या ये कोई सपना है, मेरे लिए अपना है
बात मेरी बन आयी रे
पुरवा सुहानी आयी...

मीरा सी दीवानी रे नाचे मस्तानी
होंठों पे है सरगम तो आँखों में पानी
घुंघरू दीवाने हुए, रिश्ते पुराने हुए
गीत में कहानी गायी रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...
READ MORE - पुरवा सुहानी आयी रे - Purva Suhani Aayi Re (Mahendra Kapoor)


दुल्हन चली, हाँ पहन चली - Dulhan Chali, Haan Pehen Chali (Mahendra Kapoor)

Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर

पूरब में सूरज ने छेड़ी, जब किरणों की शहनाई
चमक उठा सिन्दूर गगन पे, पच्छिम तक लाली छाई

दुल्हन चली, हाँ पहन चली
हो रे दुल्हन चली, हो पहन चली
तीन रंग की चोली
बाहों में लहराए गंगा जमुना
देख के दुनिया डोली
दुल्हन चली...

ताजमहल जैसी ताजा है सूरत
चलती फिरती अजंता की मूरत
मेल मिलाप की मेहंदी रचाए
बलिदानों की रंगोली
दुल्हन चली...

मुख चमके ज्यूँ हिमालय की चोटी
हो ना पड़ोसी की नियत खोटी
ओ घर वालों ज़रा इसको संभालो
ये तो है बड़ी भोली
दुल्हन चली...

चाँदी रंग अंग है, तो धनि तरंग लहंगा
सोने रंग चूने का मोल बड़ा महंगा
मन सीता जैसा, वचन गीता जैसे
डोले प्रीत की बोली
दुल्हन चली...

और सजेगी अभी और संवरेगी
चढ़ती उमरिया है और निखरेगी
अपनी आजादी की दुल्हनिया
दीप के ऊपर होली
दुल्हन चली...

देश प्रेम ही आजादी की दुल्हनिया का वर है
इस अलबेली दुल्हन का सिंदूर सुहाग अमर है
माता है कस्तूरबा जैसी, बाबुल गाँधी जैसे
चाचा इसके नेहरु, शास्त्री, डरे ना दुश्मन कैसे
वीर शिवाजी जैसे वीरे, लक्ष्मी बाई बहना
लक्ष्मण जिसके बोध, भगत सिंह, उसका फिर क्या कहना
जिसके लिए जवान बहा सकते हैं खून की गंगा
आगे पीछे तीनो सेना ले के चले तिरंगा
सेना चलती है ले के तिरंगा
हो कोई हम प्रान्त के वासी हो कोई भी भाषा भाषी
सबसे पहले हैं भारतवासी
READ MORE - दुल्हन चली, हाँ पहन चली - Dulhan Chali, Haan Pehen Chali (Mahendra Kapoor)


लाखों है यहाँ दिल वाले - Laakhon Hain Yahan Dil Waale (Mahendra Kapoor)

| Tuesday, September 11, 2012 |

Movie/Album: किस्मत (1968)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: महेंद्र कपूर

लाखों है यहाँ दिल वाले
और प्यार नहीं मिलता
आँखों में किसी की वफ़ा का
इक़रार नहीं मिलता

महफ़िल महफ़िल जा देखा
हर दिल में समा कर देखा
हर साज़ पे गा कर देखा
दिल को कहीं, चैन ना मिला
मैं तो दुनिया में प्यारे, अकेला ही रहा
लाखों है यहाँ दिल वाले...

इस दिल को कहाँ ले जाएँ
कुछ आप अगर फ़रमाएं
तो आप के हम हो जाएँ
कह दो हमें हंसके ज़रा
अजी जो कुछ भी दिल ने तुम्हारे है कहा
लाखों है यहाँ दिल वाले...
READ MORE - लाखों है यहाँ दिल वाले - Laakhon Hain Yahan Dil Waale (Mahendra Kapoor)


ना मुँह छुपा के जियो - Na Munh Chhupa Ke Jiyo (Mahendra Kapoor)

| Tuesday, June 19, 2012 |

Movie/Album : हमराज़ (1967)
Music By : रवि
Lyrics By : साहिर लुधियानवी
Performed By : महेंद्र कपूर

ना मुँह छुपा के जियो और ना सर झुका के जियो
गमों का दौर भी आए तो मुस्कुरा के जियो

घटा में छुप के सितारे फना नहीं होते
अंधेरी रात के दिल में दीये जला के जियो
ना मुँह छुपा...

ना जाने कौन सा पल मौत की अमानत हो
हर एक पल की खुशी को गले लगा के जियो
ना मुँह छुपा...

ये जिंदगी किसी मंजिल पे रूक नहीं सकती
हर इक मकाम से आगे कदम बढ़ा के जियो
ना मुँह छुपा...
READ MORE - ना मुँह छुपा के जियो - Na Munh Chhupa Ke Jiyo (Mahendra Kapoor)


चलो इक बार फिर से - Chalo Ik Baar Phir Se (Mahendra Kapoor)

| Monday, January 2, 2012 |

Movie/Album: गुमराह (1963)
Music By: रवि
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: महेंद्र कपूर

चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएं हम दोनों

न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखूँ दिलनवाज़ी की
न तुम मेरी तरफ़ देखो गलत अंदाज़ नज़रों से
न मेरे दिल की धड़कन लड़खड़ाये मेरी बातों में
न ज़ाहिर हो तुम्हारी कश्मकश का राज़ नज़रों से
चलो इक बार...

तुम्हें भी कोई उलझन रोकती है पेशकदमी से
मुझे भी लोग कहते हैं कि ये जलवे पराए हैं
मेरे हमराह भी रुसवाइयां हैं मेरे माज़ी की
तुम्हारे साथ भी गुज़री हुई रातों के साये हैं
चलो इक बार...

तार्रुफ़ रोग हो जाये तो उसको भूलना बेहतर
ताल्लुक बोझ बन जाये तो उसको तोड़ना अच्छा
वो अफ़साना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन
उसे इक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा
चलो इक बार...
READ MORE - चलो इक बार फिर से - Chalo Ik Baar Phir Se (Mahendra Kapoor)


मेरा रंग दे बसंती चोला - Mera Rang De Basanti Chola (Shaheed)

| Monday, August 1, 2011 |

Movie/Album: शहीद (1965)
Music By: प्रेम धवन
Lyrics By: प्रेम धवन
Performed By: मुकेश, महेंद्र कपूर, राजेंद्र मेहता

मेरा रंग दे बसंती चोला, मेरा रंग दे
मेरा रंग दे बसंती चोला ओये, रंग दे बसंती चोला
माये रंग दे बसंती चोला

दम निकले इस देश की खातिर बस इतना अरमान है
एक बार इस राह में मरना सौ जन्मों के समान है
देख के वीरों की क़ुरबानी अपना दिल भी बोला
मेरा रंग दे...

जिस चोले को पहन शिवाजी खेले अपनी जान पे
जिसे पहन झांसी की रानी मिट गई अपनी आन पे
आज उसी को पहन के निकला, पहन के निकला
आज उसी को पहन के निकला, हम मस्तों का टोला
मेरा रंग दे...
READ MORE - मेरा रंग दे बसंती चोला - Mera Rang De Basanti Chola (Shaheed)


है प्रीत जहाँ की रीत सदा - Hai Preet Jahan Ki Reet Sada (Mahendra Kapoor)

Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर

जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने
भारत ने मेरे भारत ने
दुनिया को तब गिनती आयी
तारों की भाषा भारत ने
दुनिया को पहले सिखलायी

देता ना दशमलव भारत तो
यूँ चाँद पे जाना मुश्किल था
धरती और चाँद की दूरी का
अंदाज़ा लगाना मुश्किल था

सभ्यता जहाँ पहले आयी
पहले जनमी है जहाँ पे कला
अपना भारत वो भारत है
जिसके पीछे संसार चला
संसार चला और आगे बढ़ा
यूँ आगे बढ़ा, बढ़ता ही गया
भगवान करे ये और बढ़े
बढ़ता ही रहे और फूले-फले

है प्रीत जहाँ की रीत सदा
मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ

काले-गोरे का भेद नहीं
हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और न आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी सारी दुनिया
मैं बात वो ही दोहराता हूँ
भारत का रहने...

जीते हो किसी ने देश तो क्या
हमने तो दिलों को जीता है
जहाँ राम अभी तक है नर में
नारी में अभी तक सीता है
इतने पावन हैं लोग जहाँ
मैं नित-नित शीश झुकाता हूँ
भारत का रहने...

इतनी ममता नदियों को भी
जहाँ माता कह के बुलाते है
इतना आदर इन्सान तो क्या
पत्थर भी पूजे जातें है
इस धरती पे मैंने जनम लिया
ये सोच के मैं इतराता हूँ
भारत का रहने...
READ MORE - है प्रीत जहाँ की रीत सदा - Hai Preet Jahan Ki Reet Sada (Mahendra Kapoor)


Labels

Blog Archive