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मुड़-मुड़ के ना देख - Mud-Mud Ke Na Dekh (Manna Dey, Asha Bhosle)

| Sunday, September 25, 2011 |

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: आशा भोंसले, मन्ना डे

मुड़-मुड़ के न देख, मुड़-मुड़ के
ज़िंदगानी के सफ़र में तू अकेला ही नहीं है
हम भी तेरे हमसफ़र हैं

आये गये मंज़िलों के निशाँ
लहरा के झूमा झुका आसमाँ
लेकिन रुकेगा न ये कारवाँ
मुड़-मुड़ के न देख...

नैनों से नैना जो मिला के देखे
मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे
दुनिया उसी की है जो आगे देखे
मुड़-मुड़ के न देख...

दुनिया के साथ जो बदलता जाये
जो इसके साँचे में ही ढलता जाये
दुनिया उसी की है जो चलता जाये
मुड़-मुड़ के न देख...
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प्यार हुआ इकरार हुआ है - Pyar Hua Ikrar Hua Hai (Lata Mangeshkar, Manna Dey)

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मन्ना डे

प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल, रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
प्यार हुआ इक़रार हुआ...

कहो की अपनी प्रीत का मीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का मीत न बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा, साथ जो छूटा
चाँद न चमकेगा कभी
प्यार हुआ इकरार हुआ...

रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ
प्रीत हमारे प्यार के दोहराएंगी जवानियाँ
मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ
प्यार हुआ इक़रार हुआ...
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ईचक दाना बीचक दाना - Ichak Dana Bichak Dana (Mukesh, Lata)

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मुकेश

ईचक दाना बीचक दाना
दाने ऊपर दाना
ईचक दाना
छज्जे ऊपर लड़की नाचे
लड़का है दीवाना
ईचक दाना
बोलो क्या?
अनार
ईचक...

छोटी सी छोकरी, लालबाई नाम है
पहने वो घाघरा, एक पैसा दाम है
मुँह में सबके आग लगाये आता है रुलाना
ईचक दाना
बोलो क्या?
मिर्ची !!

हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी
राजा जी के बाग़ में दुशाला ओढ़े खड़ी थी
कच्चे-पक्के बाल हैं उसके मुखड़ा है सुहाना
ईचक दाना...
बोलो क्या? बोलो बोलो
बुड्ढी !!
भुट्टा !!

एक जानवर ऐसा जिसके दुम पर पैसा
सर पे है ताज भी बादशाह के जैसा
बादल देखे छम-छम नाचे अलबेला मस्ताना
ईचक दाना
बोलो क्या? बोलो ना
मोर !!

चालें वो चलकर दिल में समाया
आ ही गया वो, किया है सफ़ाया
तुम भी देखो बचकर रहना चक्कर में न आना
ईचक दाना...
बोलो क्या?
ग़म?
हम!
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दिल का हाल सुने दिलवाला - Dil Ka Haal Sune Dilwala (Manna Dey)

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Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मन्ना डे

दिल का हाल सुने दिलवाला
सीधी सी बात न मिर्च मसाला
कहके रहेगा कहनेवाला
दिल का हाल सुने दिलवाला

छोटे से घर में गरीब का बेटा
मैं भी हूँ माँ के नसीब का बेटा
रन्ज-ओ-ग़म बचपन के साथी
आँधियों में जली जीवन बाती
भूख ने हैं बड़े प्यार से पाला
दिल का हाल...

हाय करूँ क्या सूरत ऐसी
गांठ के पूरे चोर के जैसी
चलता फिरता जान के एक दिन
बिन देखे-पहचान के एक दिन
बांध के ले गया पुलिसवाला
दिल का हाल...

बूढ़े दरोगा ने चश्मे से देखा
आगे से देखा, पीछे से देखा
ऊपर से देखा, नीचे से देखा
बोला ये क्या कर बैठे घोटाला
हाय ये क्या कर बैठे घोटाला
ये तो है थानेदार का साला
दिल का हाल...

ग़म से अभी आज़ाद नहीं मैं
ख़ुश हूँ मगर आबाद नहीं मैं
मंज़िल मेरे पास खड़ी है
पाँव में लेकिन बेड़ी पड़ी है
टांग अड़ाता है दौलतवाला
दिल का हाल...

सुन लो मगर ये किसी से न कहना
तिनके का ले के सहारा न बहना
बिन मौसम मल्हार न गाना
आधी रात को मत चिल्लाना लाना
वरना पकड़ लेगा पुलिसवाला
दिल का हाल...
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रमैय्या वस्तावैय्या - Ramaiya Vastavaiya (Shree 420)

| Friday, September 23, 2011 |

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी, मुकेश

रमैय्या वस्तावैय्या, रमैय्या वस्तावैय्या
मैंने दिल तुझको दिया

नैनों में थी प्यार की रोशनी
तेरी आँखों में ये दुनियादारी ना थी
तू और था, तेरा दिल और था
तेरे मन में ये मीठी कटारी ना थी
मैं जो दुःख पाऊं तो क्या, आज पछताऊं तो क्या
मैंने दिल तुझको...

उस देश में, तेरे परदेस में
सोने चांदी के बदले में बिकते हैं दिल
इस गाँव में, दर्द की छाँव में
प्यार के नाम पर ही तड़पते हैं दिल
चाँद तारों के टेल, रात ये गाती चले
मैंने दिल तुझको...

याद आती रही, दिल दुखाती रही
अपने मन को मनाना न आया हमें
तू ना आए तो क्या, भूल जाए तो क्या
प्यार करके भुलाना न आया हमें
वहीं से दूर से ही, तू भी ये कह दे कभी
मैंने दिल तुझको...

रास्ता वही और मुसाफिर वही
एक तारा न जाने कहाँ छुप गया
दुनिया वही, दुनियावाले वही
कोई क्या जाने किसका जहां लूट गया
मेरी आँखों में रहे, कौन जो तुझसे कहे
मैंने दिल तुझको...
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