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दौलत शोहरत क्या करनी - Daulat Shohrat Kya Karni (Kailash Kher)

| Monday, September 3, 2012 |

Movie/Album: झूमो रे (2007)
Music By: कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर

दौलत शोहरत क्या करनी
तेरे प्यार का सहारा काफ़ी है
ये महल अटारी नहीं चहिये
तेरे दिल में गुज़ारा काफ़ी है
दौलत शोहरत...

मेरे सनम मुझे तेरी क़सम
मेरी जान भी तू, ईमान भी तू
तेरे दम से है मेरा दम
जान भी तू, अंजान भी तू
पैसा वैसा क्या करना (मुझे)
मुझे तेरा नज़ारा काफ़ी है
दौलत शोहरत...

प्यार मुहब्बत से दुनिया में
कुछ बढ़कर होता भी नहीं
दौलत जाऐ तो जाऐ कोई
प्यार बिना, रोता ही नहीं
ऐशो मसर्रत नहीं चहिये (मुझे)
तेरे नाम का सहारा काफ़ी है
दौलत शोहरत...
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उजाले बाँट लो - Ujaale Baant Lo (Kailash Kher, Rangeele)

| Sunday, March 18, 2012 |

Movie/Album: रंगीले (2012)
Music By: कैलासा, कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ

मौसमों ने रूठ के जहां से कह दिया
बुझ ना जाए रोशन हाँ उम्मीदों का दीया
टूटे-टूटे तारों ने नज़ारों से कहा
करनी को तुम्हारी हमने हँस के सहा

अब जोड़ो, ना तोड़ो, नाता ये सच्चा
ओ पहरों हाँ ठहरो अच्छा हो अच्छा
अँधेरे कहीं जम ना जाएँ
उजाले बाँट लो

पत्तों ने पेड़ों से, पानी ने नदियों से
फसलों ने धरती से कहा
बच्चों ने बुजुर्गों से, नस्लों ने पुरखों से
हर गुज़रते लम्हें ने कहा
अँधेरे कहीं...

पर्वतों की तीसरी है आँख खुल गयी
बादलों की टोली भी अब इनसे मिल गयी
उजले-उजले आसमां में छेद हो गया
पृथ्वी के जीवों में कैसा भेद हो गया
हाँ डूबे, ले डूबे इस धरती के शहर
संभालो बचा लो ये बस्ती ये नगर

बर्फ अब जलने लगे, पत्थर पिघलने लगे
सबने मिलके दुनिया से कहा
घटते हुए सीपों ने, मिटते हुए द्विपों ने
चिल्लाते समंदर से कहा
अँधेरे कहीं...
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रंगीले - Rangeele (Kailash Kher, Rangeele)

| Saturday, March 17, 2012 |

Movie/Album: रंगीले (2012)
Music By: कैलासा, कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ

(मेरा मन) उछला तो अम्बर की कोली भर के चिपका
पिघला तो सूरज को चूमने को लपका
गुना, भाग, जोड़, हो (तो)
हर फंदे का तोड़ हो
भर-भर घूँट होश के तो पी ले
ओ रंगीले, हाँ रंगीले
ओक से तो पी ले
ज़रा ओक से तो पी ले

एक दो बार, दो-दो चार
फंसा ले फंसा
कर के देख, मर के देख
जीने का मज़ा
घोट-घोट पी ले जो इश्क दा बूटा
धुन रे धुन, दिल की सुन
क्या सच्चा झूठा
उड़ जा और चहक ज़रा
झूम और महक ज़रा
सत्कर्मों के खा ले फल रसीले
ओ रंगीले...

कर ले पार, जो मझधार
है तेरी नौका
ले के चाव, भर ले दांव
यही है मौका
इक्का हो या दुक्का हो
तीया, या चौका
बन संवर, ले हुनर, किसने है रोका
हवा सा नशीला बन, मेघ सा रसीला बन
जुगनूँ जैसा जगमगाके जी ले
ओ रंगीले...
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अलबेलिया - Albeliya (Kailash Kher, Rangeele)

| Friday, March 16, 2012 |

Movie/Album: रंगीले (2012)
Music By: कैलासा, कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ

कोई पर्दा, कोई ओलट
मेरी ही आँखों में मारे है, ताना
जब झिझकी, जब कांपी
होंठों की जोड़ी तो
मैंने, हाँ, मैंने जाना

मैं तो आज़ादी में भी क़ैद हो गयी
मेरे अलबेलिया, तू खेलिया
बदला है शीशा या मैं हो गयी नयी
मेरे अलबेलिया..

मैं जो दुनिया का चेहरा निहारूं, उनको ही पाऊं
पर वो जब भी मेरी ओर देखे, चेहरा छुपाऊं
ख्वाबों में हाँ, मेरे खुदा, रंग भर रहे हैं
उनका जुनूं, और मेरी जां, इक कर रहे हैं
हाय लुटने में कितना मज़ा है, कैसे बताऊँ
देखूं खुद को तो जैसे और है कोई
मेरे अलबेलिया...
झूठी, मैं झूठी ठहरी
तू सही-सही
मेरे अलबेलिया...
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तू क्या जाने - Tu Kya Jaane (Kailash Kher, Rangeele)

| Thursday, March 15, 2012 |

Movie/Album: रंगीले (2012)
Music By: कैलासा, कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर, परेश कामथ, नरेश कामथ

तू क्या जाने, तू क्या जाने
तू बिन दिल, बिन जज़्बात अल्लाह जाने
मेरे जी की बात अल्लाह जाने
मेरे जी की बात तू क्या जाने

भूली नहीं अभी चांदनी रातें
भूली नहीं तेरी प्यारी बातें
तुझ बिन ये दिन नहीं भाते
क्या बताएँ हम
वो ही खिले-खिले सपनें सलोने
बस गए हो जो कोने-कोने
बन गए जज़्बात खिलौने
दिल तड़पे हैं पर, तू क्या जाने    

उनकी आदत ही है वो तो
उनकी फितरत ही है वो तो
खेलते हैं
खेल के फिर तोड़ देते हैं
या तो तुम ही मेरे दिल को पत्थर कर दो जी
तू क्या जाने...

गुज़रे हैं यूँ ही साल-महीने
कह दिया आँखों की नमीं ने
पढ़े मेरे हालात सभी ने
तुम ही जाने ना
कर दिया दिल तार-तार है
बाज़ी अब आर-पार है
सर पे अब ज़िद सवार है
जग हारे, मैं हारूँ ना
तू क्या जाने...
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कर-कर मैं हारा - Kar Kar Main Haara (Kailash Kher)

| Thursday, January 26, 2012 |

Movie/Album: यात्रा - द नोमैडिक सोल्स (2009)
Music By: कैलाश खेर, नरेश कामथ, परेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर

यूं तो तेरी याद में भी स्वाद है तेरा
पर आँखों को मनाऊं किस तरह
होंठों की मजाल क्या जो करे ये सवालपर दिल को मैं समझाऊं किस तरह
सत या असत है (ये) मैं क्या जानूं
जैसे सांसे तेरे बिना हुई गुम

कर-कर मैं हारा हर जतन
तेरी तड़प तेरी ही लगन
पर्दा ये जब हट जाएगा
अम्बर को धरती से मिलाऊंगा
मैं कर-कर मैं हारा...

भुला-भुला, खोया-खोया भटका फिरूँ मैं तेरी चाह में
तक-तक, अंख मुरझाई, पथराई तेरी आह में

आँखों में मेरी जो समाएगा
पंख बिना ही उड़ जाऊंगा
मैं कर-कर मैं हारा...

कभी-कभी धूप, कभी छांव, तू ही है पहचान लूं
या तो मुझे हंसा बना दे तो, मैं तुझे जान लूँ

खुशबू से जो तू बाहर आएगा
सूरज को गोद में खिलाऊंगा
मैं कर-कर मैं हारा..
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तेरी दीवानी - Teri Deewani (Kailash Kher)

| Saturday, June 11, 2011 |

Movie/Album : कैलासा (2006)
Music By : कैलाश खेर, नरेश कामथ, परेश कामथ
Lyrics By : कैलाश खेर
Performed By : कैलाश खेर

प्रीत की लत मोहे ऐसी लागी
हो गई मैं मतवारी
बल-बल जाऊं अपने पिया को
हे मैं जाऊं वारी-वारी
मोहे सुध बुध ना रही तन मन की
ये तो जाने दुनिया सारी
बेबस और लाचार फिरूं मैं
हारी मैं दिल हारी
हारी मैं दिल हारी

तेरे नाम से जी लूं
तेरे नाम से मर जाऊं
तेरी जान के सदके में कुछ ऐसा कर जाऊं
तूने क्या कर डाला, मर गयी मैं, मिट गयी मैं
हो जी हाँ जी
हो गयी मैं
तेरी दीवानी

इश्क जुनूं जब हद से बढ़ जाए
हंसते-हंसते आशिक सूली चढ़ जाए
इश्क का जादू सर चढ़कर बोले
खूब लगा लो पहरे रस्ते रब खोले
यही इश्क दी मर्ज़ी हैं
यही रब दी मर्ज़ी हैं
तेरे बिन जीना कैसा
हाँ खुदगर्जी है
तूने क्या...

हे मैं रंग रंगीली दीवानी
हे मैं अलबेली मैं मस्तानी
गाऊं, बजाऊं, सबको रिझाऊं
हे मैं दींन धर्म से बेगानी
हे मैं दीवानी, मैं दीवानी
तेरे नाम से...
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