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G.NA (지나) - Stop Doing That 그만해요
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Aa'
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Sunday, November 11, 2012
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G.NA (지나),
simple kpop lyrics,
yt-bubfeetp1
एक तू ना मिला - Ek Tu Na Mila (Lata Mangeshkar)
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Aa'
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Himalaya Ki God Mein,
Indeevar,
Indeewar,
Kalyanji Anandji,
Lata Mangeshkar
Movie/Album: हिमालय की गोद में (1965)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: लता मंगेशकर
एक तू ना मिला
सारी दुनिया मिले भी तो क्या है
मेरा दिल ना खिला
सारी बगिया खिले भी तो क्या है
धरती हूँ मैं और तू है गगन
होगा कहाँ तेरा मेरा मिलन
लाख पहरे यहाँ
प्यार दिल में पले भी तो क्या हैं
एक तू ना मिला...
तक़दीर की मैं कोई भूल हूँ
डाली से बिछड़ा हुआ फूल हूँ
साथ तेरा नहीं
संग दुनिया चले भी तो क्या है
एक तू ना मिला...
तुझसे लिपटकर जो रो लेते हम
आँसू नहीं थे ये मोती से कम
तेरा दामन नहीं
ये आँसू ढले भी तो क्या है
एक तू ना मिला...
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: लता मंगेशकर
एक तू ना मिला
सारी दुनिया मिले भी तो क्या है
मेरा दिल ना खिला
सारी बगिया खिले भी तो क्या है
धरती हूँ मैं और तू है गगन
होगा कहाँ तेरा मेरा मिलन
लाख पहरे यहाँ
प्यार दिल में पले भी तो क्या हैं
एक तू ना मिला...
तक़दीर की मैं कोई भूल हूँ
डाली से बिछड़ा हुआ फूल हूँ
साथ तेरा नहीं
संग दुनिया चले भी तो क्या है
एक तू ना मिला...
तुझसे लिपटकर जो रो लेते हम
आँसू नहीं थे ये मोती से कम
तेरा दामन नहीं
ये आँसू ढले भी तो क्या है
एक तू ना मिला...
Se Ou Ki Merite Louwanj
Se ou ki merite louwanj
Se ou ki merite tout glwa
Nan vale yo, sou montay yo
Lesegnè merite louwanj
Submitted by Sr. Jayme Lumene
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Se ou ki merite tout glwa
Nan vale yo, sou montay yo
Lesegnè merite louwanj
Submitted by Sr. Jayme Lumene
आज सोचा तो आंसू भर आए - Aaj Socha To Aansoo Bhar Aaye (Lata Mangeshkar)
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Aa'
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1973,
A,
Hanste Zakhm,
Kaifi Aazmi,
Kaifi Azmi,
Lata Mangeshkar,
Madan Mohan
Movie/Album: हँसते ज़ख्म (1973)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर
आज सोचा तो आंसू भर आए
मुद्दतें हों गई मुस्कुराये
हर कदम पर उधर मुड़कर देखा
उनकी महफिल से हम उठ तो आए
आज सोचा तो आंसू...
रह गई ज़िन्दगी दर्द बन के
दर्द दिल में छुपाये छुपाये
आज सोचा तो आंसू...
दिल की नाज़ुक रगें टूटती हैं
याद इतना भी कोई न आए
आज सोचा तो आंसू...
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर
आज सोचा तो आंसू भर आए
मुद्दतें हों गई मुस्कुराये
हर कदम पर उधर मुड़कर देखा
उनकी महफिल से हम उठ तो आए
आज सोचा तो आंसू...
रह गई ज़िन्दगी दर्द बन के
दर्द दिल में छुपाये छुपाये
आज सोचा तो आंसू...
दिल की नाज़ुक रगें टूटती हैं
याद इतना भी कोई न आए
आज सोचा तो आंसू...
ये माना मेरी जाँ - Ye Maana Meri Jaan (Md.Rafi)
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Aa'
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1973,
Hanste Zakhm,
Kaifi Aazmi,
Kaifi Azmi,
Madan Mohan,
Md.Rafi,
Romantic Songs,
Y
Movie/Album: हँसते ज़ख्म (1973)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: मो.रफ़ी
तौबा तौबा ये जवानी का गुरूर
इश्क के सामने फिर भी सर झुकाना ही पड़ा
कैसे कहते थे न आएँगे
मगर दिल ने इस तरह पुकारा
तुम्हें आना ही पड़ा
ये माना मेरी जाँ मोहब्बत सजा है
मज़ा इसमें इतना मगर किसलिए है
वो इक बेकरारी जो अब तक इधर थी
वो ही बेकरारी उधर किसलिए है
अभी तक तो इधर थी उधर किसलिए है
बहलना न जाने, बदलना न जाने
तमन्ना मचल के संभालना न जाने
करीब और आओ, कदम तो बढ़ाओ
झुका दूं न मैं सर तो, सर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...
नज़ारे भी देखे, इशारे भी देखे
कई खूबसूरत सहारे भी देखे
नाम क्या चीज़ है, इज्ज़त क्या है
सोने चांदी की हकीकत क्या है
लाख बहलाए कोई दौलत से
प्यार के सामने दौलत क्या है
जो मैखाने जा के, मैं सागर उठाऊं
तो फिर ये नशीली नज़र किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...
तुम्हीं ने संवारा, तुम्हीं ने सजाया
मेरे सूने दिल को तुम्हीं ने बसाया
जिस चमन से भी तुम गुजार जाओ
हर कली पर निखार आ जाये
रूठो जाओ तो रूठ जाये खुदा
और जो हँस दो, बहार आ जाये
तुम्हारे कदम से है घर में उजाला
अगर तुम नहीं तो ये घर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: मो.रफ़ी
तौबा तौबा ये जवानी का गुरूर
इश्क के सामने फिर भी सर झुकाना ही पड़ा
कैसे कहते थे न आएँगे
मगर दिल ने इस तरह पुकारा
तुम्हें आना ही पड़ा
ये माना मेरी जाँ मोहब्बत सजा है
मज़ा इसमें इतना मगर किसलिए है
वो इक बेकरारी जो अब तक इधर थी
वो ही बेकरारी उधर किसलिए है
अभी तक तो इधर थी उधर किसलिए है
बहलना न जाने, बदलना न जाने
तमन्ना मचल के संभालना न जाने
करीब और आओ, कदम तो बढ़ाओ
झुका दूं न मैं सर तो, सर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...
नज़ारे भी देखे, इशारे भी देखे
कई खूबसूरत सहारे भी देखे
नाम क्या चीज़ है, इज्ज़त क्या है
सोने चांदी की हकीकत क्या है
लाख बहलाए कोई दौलत से
प्यार के सामने दौलत क्या है
जो मैखाने जा के, मैं सागर उठाऊं
तो फिर ये नशीली नज़र किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...
तुम्हीं ने संवारा, तुम्हीं ने सजाया
मेरे सूने दिल को तुम्हीं ने बसाया
जिस चमन से भी तुम गुजार जाओ
हर कली पर निखार आ जाये
रूठो जाओ तो रूठ जाये खुदा
और जो हँस दो, बहार आ जाये
तुम्हारे कदम से है घर में उजाला
अगर तुम नहीं तो ये घर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...
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