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रुके रुके से कदम - Ruke Ruke Se Kadam (Lata Mangeshkar)

| Thursday, July 5, 2012 |

Movie/Album: मौसम (1975)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: लता मंगेशकर

रुके रुके से कदम
रुक के बार-बार चले
क़रार लेके तेरे दर से बेक़रार चले
रुके रुके से...

सुबह ना आयी कई बार नींद से जागे
की एक रात की ये ज़िन्दगी गुज़ार चले
रुके रुके से कदम...

उठाये फिर थे के एहसान दिल का सीने पर
ले तेरे कदमों में ये क़र्ज़ भी उतार चले
क़रार लेके तेरे...
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दिल ढूँढता है - Dil Dhoondhta Hai (Bhupinder Singh, Lata Mangeshkar)

| Saturday, June 30, 2012 |

Movie/Album: मौसम (1975)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: भूपिंदर सिंह, लता मंगेशकर

दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन
बैठे रहे तसव्वुर-ए-जानाँ किये हुए
दिल ढूँढता है...

जाड़ों की नर्म धूप और आँगन में लेट कर
आँखों पे खींचकर आँचल के साये को
औंधे पड़े रहें कभी करवट लिये हुए
दिल ढूँढता है...

या गरमियों की रात जो पुरवाईयाँ चलें
ठंडी सफ़ेद चादरों पे जागें देर तक
तारों को देखते रहें छत पर पड़े हुए
दिल ढूँढता है...

बर्फ़ीली सर्दियों में किसी भी पहाड़ पर
वादी में गूँजती हुई खामोशियाँ सुनें
आँखों में भीगे-भीगे लम्हें लिये हुए
दिल ढूँढता है...
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रब्बा मैं तो मर गया - Rabba Main To Mar Gaya (Mausam)

| Wednesday, September 7, 2011 |

Movie/Album: मौसम (2011)
Music By: प्रीतम चक्रवर्ती
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: शाहिद माल्या

कोई दिल बेकाबू कर गया
और इश्काँ दिल में भर गया
आँखों-आँखों में वो लाखों गल्लां कर गया
ओ रब्बा मैं तो मर गया
शदायी मुझे कर गया

अब दिल चाहे ख़ामोशी के होठों पे मैं लिख दूं
प्यारी सी बातें कई
कुछ पल मेरे नाम करे वो, मैं भी उसके नाम पे
लिखूं मुलाकातें कई
पहली ही तकनी में बन गयी जान पे
नैणा-वैणा उसके मेरे दिल पे छपे
अब जाऊं कहाँ पे, दिल रुका है वहाँ पे
जहां देख के मुझे वो आगे बढ़ गया
ओ रब्बा मैं तो...

मौसम के आज़ाद परिंदे, हाथों में है उसके
या वो बहारों सी है
सर्दी की वो धूप के जैसी, गर्मी की शाम है
पहली फुहारों सी है
मेरे प्यार का मौसम भी है, लगे मेरी महरम भी है.
जाने क्या क्या दो आँखों में मैं पढ़ गयाओ रब्बा मैं तो...
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